कैसे करें DND में रजिस्ट्रेशन (How to register in DND in Hindi)

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How to register in DND in Hindi

कैसे करें DND में रजिस्ट्रेशन (How to register in DND in Hindi)

टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के अनुसार कोई भी मोबाइल या लैंडलाइन फोन इस्तेमाल करने वाला सब्स्क्राइबर अनचाहे कॉल और मेसेज को रोक सकता है।
इस तरह की परेशानी से बचने के लिए ट्राई ने दो तरह की ब्लॉक कैटिगरी बनाई हैं।
फुल ब्लॉक कैटिगरी

How to register in DND in Hindi

इस कैटिगरी में वे लोग अपना नंबर रजिस्टर करवा सकते हैं, जो किसी भी तरह की कमर्शल कॉल रिसीव नहीं करना चाहते। वह 1909 पर कॉल या ‘START 0’ मेसेज कर सकते हैं।

अगर आपको किसी खास कैटिगरी के मेसेज और कॉल चाहिए, तो वह इस ऑप्शन को चुन सकता है। फिलहाल ऐसी 7 कैटिगरी हैं।
1. बैंकिंग, इंश्योरेंस,फाइनैंशल प्रॉडक्ट्स और क्रेडिट कार्ड
2. रीयल एस्टेट
3. एजुकेशन
4. हेल्थ
5. कस्टमर गुड्स और ऑटोमोबाइल
6. कम्यूनिकेशन, ब्रॉडकास्टिंग, मनोरंजन और आईटी
7. टूरिज्म
आपको जिन कैटिगरी से जुड़े कमर्शल कॉल और मेसेज चाहिए, तो START के बाद उस कैटिगरी का नंबर डाल कर 1909 पर मेसेज करें। जैसे अगर आपको हेल्थ और ऑटोमोबाइल पर सर्विस चाहिए तो लिखें ‘START 45’ और 1909 पर भेजें। अब आपको इनके अलावा दूसरी तरह के एसएमएस नहीं आएंगे। रजिस्ट्रेशन सफल होने पर 24 घंटे के अंदर आपको एक यूनीक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। इसके प्रभावी होने में 7 दिन का समय लगता है। अपने नंबर का स्टेटस http://www.nccptrai.gov.in/nccpregistry/search.misc पर जाकर देखें।
कैसे करें शिकायत
रजिस्टर करने के 7 दिन बाद भी अगर कोई कमर्शल कॉल या मेसेज आता है, तो 1909 पर इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
कॉल करके शिकायत करें
आप 1909 पर कॉल करें और वॉइस रिस्पॉन्स सिस्टम को फॉलो करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा आप चाहें, तो कस्टमर एग्जेक्युटिव से बात करके भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
मेसेज करके शिकायत करें
1909 पर एक सेट फॉर्मैट में मेसेज करके भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फॉर्मैट इस तरह से है:
“COMP TEL NO XXXXXXXXXX, dd/mm/yy, Time hh:mm”
इसमें XXXXXXXXXX का मतलब वह नंबर है, जहां से इस तरह के कॉल आ रहे हैं। आपको कंप्लेंट दर्ज हो जाने की जानकारी एक यूनीक कंप्लेंट नंबर के मेसेज से दे दी जाएगी। शिकायत के 7 दिन के अंदर आपको शिकायत पर कार्रवाई की सूचना दी जाएगी।
डीएनडी कैसे बन जाता है नॉन डीएनडी
– आप जानकारी देने वाली किसी वेबसाइट से मदद मांगते हैं, तो आपको एसएमएस पर जानकारी लेने से पहले अपने नंबर को नॉन डीएनडी में कन्वर्ट कराना पड़ता है।
– कई वेबसाइट सब्स्क्राइब करते ही आपका नंबर नॉन डीएनडी में खुद ही कन्वर्ट कर देती हैं।
– अगर आपने किसी वेबसाइट के जरिए जानकारी लेने या कुछ खरीदने की कोशिश की है, तो वह आपका नंबर वेंडरों से बिना पूछे भी इन कंपनियों को दे देती हैं।
– अपना नंबर पोस्टपेड से प्रीपेड और प्रीपेड से पोस्टपेड कनवर्ट कराने पर भी आपको दोबारा डीएनडी में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है।
ऐसे सुधरेंगे हालात
ट्राई के पूर्व प्रमुख नृपेंद मिश्रा ने कुछ सुझाव दिए, जो इस समस्या से निजात दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं:
– ट्राई लगातार ऐसे नंबरों का सर्वे-सैंपलिंग करे और समय-समय पर टेलिकॉम कंपनियों को ऐक्शन लेने के लिए कहे।
– ऐक्शन लेने की समय सीमा निर्धारित की जाए।
– कंपनियों पर भी ऐक्शन न लेने पर पेनल्टी के अलावा और ऐक्शन लेने के विकल्पों पर विचार किया जाए।
– प्रमोशनल मेसेज करवाने वाले कस्टमर यानी थर्ड पार्टी पर भी जिम्मेदारी डालने के लीगल विकल्पों के बारे में सोचा जाए।
– टेलिकॉम कंपनियों को अपनी तरफ से भी कैंपेन चलाने चाहिए, जिससे लोग जागरुक होकर अधिक शिकायत करें।

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